डिलिवरी बॉय ने खड़ा किया अनूठा स्टार्टअप, कुछ हजार से शुरू हुआ बिजनेस आज है लाखों में कमाई – प्रेरक कहानी

जयपुर के रघुवीर सिंह चौधरी ने अमेजन की डिलिवरी बॉय की नौकरी छोड़कर महज कुछ हजार रूपये से चाय डिलिवरी का स्टार्टअप शुरु किया. आज 4 से भी ज्यादा चाय के सेंटर हैं, दस से अधिक स्टाफ हैं और चार बाइक से जयपुर के हर कोने में चाय डिलिवरी करती है ये अनूठा स्टार्टअप. जयपुर के किसी भी कोने से whatsapp से ऑर्डर करने पर बेहद जल्द चाय डिलेवरी करती है. कभी शून्य से शरू हुए इस स्टार्ट अप के हरेक चाय सेंटर पे 1000 से 1200 ऑर्डर प्रतिदिन आते हैं और इसी के साथ ये स्टार्टअप आज लाखो की कमाई कर रही है.

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कुछ सालों पहले तक लोगों के पास महज कुछ क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर हुआ करते थे तकनीकी संसाधन सीमित थे और बिजनेस भी पारंपरिक तरीके से चलते थे पर आज का दौड़ कुछ अलग है आज इकॉमर्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्युटर सेवाओं में हुए लगातार विकास के कारण व्यापार और उद्योग जगत में काफी सकारात्मक बदलाव आया है.आज की नई पीढी के युवाओं में में स्टार्ट अप और स्वरोजगार को लेकर बहुत जोश दिखाई देता है. सूचना प्रौद्योगिकी और ऑनलाइन कारोबार के सहूलियत से कम निवेश में भी अच्छा कारोबार स्थापित करने के लिए हज़ारों अवसर उपलब्ध हैं और इसी वजह से आज हमें नित्य प्रति दिन नए नए स्टार्ट अप की सफलता की कहानियां सुनने को मिलती है.

आज के समय में कारोबार या स्टार्ट अप सिर्फ बहुत ज्यादा पैसे वाले लोगों तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि बेहद कम पैसे और सीमित संसाधनों से भी बड़ा और सफल व्यवसाय स्थापित किया जा सकता है.

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इसी बात को साबित करता है जयपुर के एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले एक बहुत ही साधारण लड़के के असाधारण सफलता की कहानी.

ये कहानी है जयपुर के रघुवीर सिंह चौधरी की जो जयपुर के एक बहुत ही ही गरीब परिवार से हैं और उसने घर की खराब आर्थिक हालातों की वजह से अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दिया. रघुवीर को नौकरी की तलाश में घर से बाहर निकलना पड़ा और एक लंबे इंतजार और जद्दोजहद के बाद उसनें नौ हजार रुपये की मासिक वेतन पर ऑनलाइन शौपिंग वेबसाइट अमेजन में डिलीवरी ब्वाय की नौकरी हासिल की । इस डिलीवरी बॉय के काम में हर दिन रघुवीर अपने साइकिल पर सामान बांध कर निकलता और घर घर जाकर डिलीवरी किया करता था।

एक दिन रघुवीर रोज की ही तरह समान डिलिवरी करने के लिए निकला तो काफी थक जाने के कारण उसे चाय पीने की इच्छा हुई.काफी मेहनत और मशक्कत करने के बाद कहीं जाकर उसे चाय की दुकान मिली. चाय के चक्कर में उसे काफी समय नष्ट करना पड़ा. हालांकि इस बात से रघुवीर को एक अच्छा आइडिया आया. उसने सोचा की लोगों को इस तरह कितना ज्यादा समय खराब करना पड़ता है अच्छी चाय पीने के लिए. जिस तरह अमेजन समय के कमिटमेंट में ग्राहक तक समान की डिलीवरी करती है ठीक उसी तरह अगर लोगों को ऑर्डर करने पर अगर सही समय के अंदर अच्छी गुणवत्ता वाली चाय की डिलीवरी दी जाए तो लोगों को भी काफी सहूलियत होगी और इस तरह धंधा भी अच्छा चलेगा.

रघुवीर को उस समय इस बात का तनिक भी आभास नहीं था कि एक कप चाय के प्याले में नजर आया यह आइडिया कल आने वाले वक़्त में बेहद क्रांतिकारी साबित होने वाला है.

रघुवीर ने अपने इस आइडिया को सच में तब्दील करने की ठान ली. इसी क्रम में रघुवीर ने अपने तीन दोस्तों को साथ में मिलाया और बिना किसी बड़ी पूंजी निवेश के एक बिल्कुल छोटे से कमरे में चाय बनाने का काम शुरू किया। शुरुआत में रघुवीर ने बाज़ार के छोटे-छोटे दुकानों से संपर्क कर उनके आर्डर लेने शुरू कर दिए।अपनी चाय की गुणवत्ता और ग्राहको के रुचि के को समझा. अपनी क्वालिटी और अच्छी सर्विस के बदौलत उन्होंने कुछ ही समय में करीब सौ-डेढ़ सौ दुकानों, ऑफिस और शो रूम को अपनी ओर आकर्षित कर लिया । शुरु के समय में तो उन्होंने खुद अपनी साइकिल से दुकान-दुकान चाय की डिलीवरी करते रहें किन्तु बढ़ते डिमांड को नजर में रखते हुए रघुवीर नें बाइक से चाय की डिलीवरी शुरू कर दी।

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आज रघुवीर की जयपुर में 4 से भी ज्यादा चाय की सेंटर है और प्रत्येक सेंटर से प्रतिदिन 1000 से 1200 तक चाय के ऑर्डर ऑफिस, दुकानों, शोरूम और लोकल घरों से भी आते हैं. रघुवीर के स्टार्ट अप में दस से अधिक स्टाफ है जो चार बाइक की मदद से चाय डिलीवरी करते हैं. आज रघुवीर की मासिक आमदनी लाखो में है. आज जयपुर में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी whatsapp के जरिए ऑर्डर कर सकता है और कम समय के अंदर रघुवीर के गरमागरम चाय का प्याले का लुत्फ उठा सकता है.

एक समय जो व्यक्ति साइकिल पर घूमकर घर-घर सामानों की डिलीवरी करता था आज वह रघुवीर अत्यंत कम पूंजी निवेश करके अपने पैर पर खड़े हैं और एक सफल स्टार्टअप के संचालक हैं।

रघुवीर की सफलता का श्रेय उनके उस आईडिया को जाता है जिसमें उन्होंने लोगों के एक जरूरत को मेहसूस किया और अपने पर भरोसा कर के रिस्क लिया.बखूबी अपने प्रॉडक्ट और सर्विस की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया. हमारे आसपास अवसरों की कमी नहीं है बस हमें अपनी योग्यता से आसपास मौजूद अवसरों को पहचानने की आवश्यकता है. जो इंसान सही अवसर की पहचान सही वक़्त पर कर लेता है वह अवश्य ही सफलता प्राप्त करता है.

कुछ करने की सच्ची चाहत हो और खुद पर भरोसा हो तो कम संसाधनों और सीमित पूंजी से भी स्टार्ट अप शुरू किया जा सकता है.

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Responses

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  1. Hey there 🙂

    Your wordpress site is very sleek – hope you don’t mind me asking
    what theme you’re using? (and don’t mind if I steal it?
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    I just launched my site –also built in wordpress like yours– but the
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    Keep up the good work– and hope you all take care of yourself during the coronavirus scare!

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